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Tuesday, 22 July 2025

प्रोटीन से जुड़ी बड़ी 5 गलतियाँ जो आपकी किडनी को नुकसान पहुँचा सकती हैं – पूरी जानकारी पाएं और खुद को बचाएं!

प्रोटीन की भूमिका और आपकी किडनी की सुरक्षा क्यों जरूरी है? भारत में फिटनेस का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग जिम ज्वाइन कर रहे हैं, डाइट प्लान फॉलो कर रहे हैं और खासतौर पर प्रोटीन इंटेक बढ़ा रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस प्रोटीन को आप सेहतमंद बनने के लिए ले रहे हैं, वही अगर गलत तरीके से लिया जाए तो आपकी किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है? 👉 प्रोटीन हमारी बॉडी के लिए अनिवार्य पोषक तत्व है – यह मसल्स बनाने, टिशू रिपेयर करने, हार्मोन प्रोडक्शन और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। लेकिन हमारी किडनी की भी एक सीमा होती है। अगर हम जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो हमारी किडनी पर वेस्ट मटेरियल फिल्टर करने का दबाव बढ़ जाता है। गलती #1: ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन लेना समस्या: बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि जितना ज्यादा प्रोटीन लेंगे, उतना ही मसल्स जल्दी बनेंगे या वजन जल्दी घटेगा। लेकिन यह मिथक किडनी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। भारत में आम केस: रोहित, दिल्ली का एक 24 वर्षीय जिम ट्रेनर, दिन में 3 स्कूप व्हे प्रोटीन और हैवी नॉनवेज डाइट लेने लगा। पहले कुछ महीनों में उसे एनर्जी महसूस हुई, लेकिन 6 महीने बाद उसकी किडनी रिपोर्ट में क्रिएटिनिन लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। ✔️ सही तरीका: यदि आप सामान्य एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हैं, तो 1 ग्राम प्रति किलोग्राम बॉडी वेट प्रोटीन ही पर्याप्त होता है। अधिक मेहनत करने वालों को भी 1.5 ग्राम से अधिक नहीं लेना चाहिए।  एक्स्ट्रा टिप: शरीर की जरूरत के अनुसार प्रोटीन लें, न कि दूसरों की देखा-देखी करें। हर शरीर अलग होता है। गलती #2: प्रोटीन लेने का गलत समय समस्या: यदि आप पूरे दिन का प्रोटीन एक बार में ले लेते हैं, तो यह शरीर के लिए ओवरलोड बन जाता है। शरीर एक बार में सीमित मात्रा में ही प्रोटीन को अवशोषित कर पाता है। अतिरिक्त प्रोटीन वेस्ट बनकर किडनी पर बोझ डालता है। परिणाम: इससे न केवल पाचन प्रणाली पर असर पड़ता है, बल्कि किडनी को भी एक साथ ज्यादा वेस्ट निकालने का दबाव झेलना पड़ता है। ✔️ सही तरीका: दिन की शुरुआत में थोड़ा प्रोटीन लें, दोपहर में संतुलित मात्रा और रात को हल्का प्रोटीन। इससे शरीर बेहतर तरीके से पोषण अवशोषित कर पाता है। नोट: नाश्ते में अंडे या दही, दोपहर में दाल-चावल और रात में हल्का पनीर या टोफू एक अच्छा संतुलन हो सकता है। गलती #3: प्रोटीन लेते समय पानी कम पीना समस्या: हाई प्रोटीन डाइट से शरीर में नाइट्रोजन और क्रिएटिनिन जैसे टॉक्सिन्स बनते हैं। इन्हें बाहर निकालने के लिए भरपूर पानी जरूरी होता है। पानी की कमी से ये टॉक्सिन्स जमा होकर किडनी पर असर डालते हैं। रियल केस: कंचन, एक 32 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल, वजन कम करने के चक्कर में हाई प्रोटीन डाइट लेने लगी। लेकिन ऑफिस की व्यस्तता के कारण पानी पीना भूल जाती थी। कुछ महीनों में यूरिक एसिड और किडनी स्टोन की समस्या सामने आई। ✔️ सही तरीका: हर 1 ग्राम प्रोटीन पर कम से कम 30 से 40 ml पानी जरूर पिएं। दिनभर में 2.5 से 3.5 लीटर पानी पिएं, खासतौर पर गर्मियों में।  टिप: पानी में नींबू या तुलसी डालकर पीना शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। गलती #4: गलत प्रकार का प्रोटीन चुनना समस्या: कुछ लोग बिना सलाह के सिर्फ रेड मीट, चिकन या केवल व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट पर निर्भर हो जाते हैं। साइड इफेक्ट: एनिमल प्रोटीन में प्यूरिन और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, जिससे यूरिक एसिड, एसिडिटी और किडनी पर प्रेशर बढ़ता है। ✔️ सही तरीका: घरेलू, शुद्ध और वेजिटेरियन प्रोटीन स्रोत जैसे दालें, सोया, टोफू, दूध, पनीर, मूंगफली, चना, बीन्स और नट्स को प्राथमिकता दें। ये शरीर को हल्का और हेल्दी रखते हैं। यदि कोई सप्लीमेंट लेना हो, तो अपने फैमिली डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से परामर्श जरूर लें। आयुर्वेदिक विकल्प: अश्वगंधा, शतावरी और मुलेठी जैसे हर्ब्स भी प्रोटीन के बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं। गलती #5: मेडिकल चेकअप न कराना जब भी आप डाइट में बड़ा बदलाव करें, खासकर हाई प्रोटीन डाइट शुरू करें, तो आपकी किडनी की स्थिति को जानना बेहद जरूरी है। जरूरी तथ्य: कई बार लोग डायबिटीज, हाई बीपी या हाइपरटेंशन से पीड़ित होते हैं और उन्हें पता भी नहीं होता। ऐसे में हाई प्रोटीन डाइट से किडनी फेलियर तक हो सकता है। ✔️ सही तरीका: Creatinine टेस्ट, Urine Protein टेस्ट, Blood Urea, और eGFR टेस्ट जैसे जरूरी मेडिकल टेस्ट हर 6 महीने में कराएं।  नोट: ये टेस्ट अब आसानी से किसी भी लैब या ऑनलाइन हेल्थ सर्विस से करवाए जा सकते हैं। अब आप क्या कर सकते हैं – Actionable Steps अपनी प्रोटीन जरूरत को उम्र, वजन और एक्टिविटी लेवल के अनुसार समझें। प्रोटीन को दिन भर में बाँटकर खाएं, न कि एक बार में। हर दिन कम से कम 2.5 से 3.5 लीटर पानी पीने की आदत बनाएं। दाल, सोया, पनीर, दूध, मूंगफली जैसे शुद्ध स्रोत अपनाएं। रेड मीट या हाई प्यूरिन प्रोटीन से बचें। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें। हर 6 महीने में बेसिक किडनी टेस्ट कराएं – इनमें 500 से 800 रुपये ही लगते हैं। वर्कआउट के साथ पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी है
🌟 निष्कर्ष प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन इसे लेने का तरीका और मात्रा उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि आप चाहते हैं कि आपकी किडनी लंबे समय तक स्वस्थ रहे, तो ऊपर दी गई 5 गलतियों से अवश्य बचें। प्रोटीन का सही इस्तेमाल आपको स्वस्थ, ऊर्जावान और फिट बनाएगा – लेकिन लापरवाही आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। याद रखें – सेहत दौड़ नहीं, एक लंबी यात्रा है। सोच-समझकर चलेंगे, तभी मंज़िल तक पहुँचेंगे।

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