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Saturday, 6 September 2025
शौचालय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल: बढ़ती आदत और खतरनाक स्वास्थ्य प्रभाव
आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक यह हमारी दिनचर्या का सबसे भरोसेमंद साथी बन गया है। ईमेल चेक करना हो, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना हो या फिर ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो—स्मार्टफोन हर जगह हमारे साथ है। लेकिन हाल ही में आई एक चौंकाने वाली स्टडी ने यह साबित किया है कि शौचालय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना न केवल एक बढ़ती आदत है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है। लोग अब टॉयलेट में बैठकर न्यूज़ पढ़ते हैं, सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं या गेम खेलते हैं। यह आदत सुनने में सामान्य लग सकती है, लेकिन इसके पीछे कई छिपे हुए स्वास्थ्य जोखिम मौजूद हैं।
क्यों बढ़ रहा है शौचालय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल?
समय की कमी: व्यस्त जीवनशैली के चलते लोग टॉयलेट को “मी-टाइम” मानते हैं और वहीं फोन पर समय बिताते हैं।
स्मार्टफोन की लत: आजकल लोग कुछ मिनट भी बिना मोबाइल के बिताना मुश्किल समझते हैं।
सोशल मीडिया का आकर्षण: फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या व्हाट्सऐप जैसी ऐप्स लगातार नोटिफिकेशन भेजती रहती हैं, जिससे लोग खुद को रोक नहीं पाते।
मनोरंजन का साधन: कई लोग बोरियत मिटाने या गेम खेलने के लिए टॉयलेट में भी फोन साथ ले जाते हैं।
स्वास्थ्य पर असर: क्या कहती है स्टडी?
स्टडी में पाया गया है कि टॉयलेट पर लंबे समय तक बैठकर स्मार्टफोन चलाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसके कई प्रमुख नुकसान हैं:
बवासीर (Piles) का खतरा: लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठने से गुदा की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
रीढ़ और कमर दर्द: लगातार झुककर फोन देखने से गर्दन, कंधे और कमर में दर्द बढ़ता है।
संक्रमण (Infection): टॉयलेट बैक्टीरिया से भरा होता है। फोन स्क्रीन पर यह कीटाणु चिपक जाते हैं और बाद में हमारे हाथों और चेहरे तक पहुंचते हैं।
आंखों की समस्या: लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर: लगातार नोटिफिकेशन और स्क्रीन पर व्यस्त रहना चिंता और तनाव का कारण बनता है।
पाचन तंत्र पर दबाव: लंबे समय तक बैठने से पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे कब्ज जैसी समस्या हो सकती है।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत अब “साइलेंट हेल्थ क्राइसिस” बनती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, शौचालय में समय को अधिक बढ़ाना न केवल शरीर के लिए हानिकारक है बल्कि यह हमारी मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शौचालय में स्मार्टफोन ले जाना स्वच्छता की दृष्टि से भी खतरनाक है, क्योंकि यह आदत बैक्टीरिया और वायरस को आपके घर और शरीर तक पहुंचा सकती है।
क्या आप भी इस आदत के शिकार हैं?
अगर आप भी टॉयलेट में 10–15 मिनट या उससे अधिक समय फोन चलाने में बिताते हैं, तो यह संकेत है कि आप इस आदत के शिकार हो चुके हैं। यह धीरे-धीरे आपकी सेहत पर असर डाल सकता है और भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
कैसे बचें इस आदत से?
फोन को बाथरूम के बाहर छोड़ें: खुद को अनुशासन में रखें और बाथरूम जाते समय फोन बाहर रखें।
स्क्रीन टाइम कंट्रोल करें: फोन में ऐसे ऐप इंस्टॉल करें जो स्क्रीन टाइम को मॉनिटर और सीमित कर सकें।
शौचालय का समय सीमित करें: कोशिश करें कि 5 मिनट से अधिक समय न बिताएं।
अन्य विकल्प अपनाएं: अगर पढ़ने की आदत डालनी है तो अखबार या किताब को चुना जा सकता है।
स्वच्छता पर ध्यान दें: अगर कभी फोन साथ ले भी जाएं, तो बाद में उसे अच्छी तरह साफ करना न भूलें।
निष्कर्ष
स्मार्टफोन का इस्तेमाल आज जरूरी है, लेकिन हर चीज़ का संतुलन बनाए रखना उतना ही अहम है। शौचालय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना मामूली आदत लग सकती है, लेकिन इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। बवासीर, संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी परेशानियों से बचने का सबसे आसान उपाय है—इस आदत को अभी से बदलना।
याद रखें, आपकी सेहत सबसे पहले है। आपका स्वास्थ्य आपके हाथ में है, न कि आपके स्मार्टफोन में।
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