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Friday, 23 May 2025

"जिस कैंसर के खतरे को ज़्यादातर पुरुष नज़रअंदाज़ कर रहे हैं – जब तक बहुत देर न हो जाए"

क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा कैंसर है जो पुरुषों में बहुत आम हो चुका है, फिर भी अधिकांश पुरुष इसे गंभीरता से नहीं लेते? आज हम बात कर रहे हैं प्रोस्टेट कैंसर की — एक ऐसा ख़ामोश खतरा जिसे अधिकतर पुरुष तब तक अनदेखा करते हैं जब तक हालात बहुत बिगड़ न जाएं। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी की कमी, झिझक और जागरूकता की कमी के कारण यह कैंसर चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। प्रोस्टेट कैंसर क्या है? प्रोस्टेट एक छोटा-सा ग्रंथि (gland) है जो पुरुषों में मूत्राशय के नीचे स्थित होता है और वीर्य उत्पादन में सहायक होता है। जब इस ग्रंथि में कैंसर की कोशिकाएं पनपने लगती हैं, तो उसे प्रोस्टेट कैंसर कहा जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि पता ही नहीं चलता — और यही इसे खतरनाक बनाता है। क्यों ज़्यादातर पुरुष इसे नजरअंदाज़ कर देते हैं? लक्षणों की चुप्पी: प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण जैसे बार-बार पेशाब आना, पेशाब में रुकावट, या रात में बार-बार उठना – अक्सर उम्र से जुड़ी आम समस्याओं की तरह लगते हैं। मर्दानगी की झिझक: हमारे समाज में स्वास्थ्य को लेकर पुरुषों की चुप्पी एक बड़ी समस्या है। बहुत से पुरुष डॉक्टर के पास जाना, टेस्ट करवाना या इस विषय पर बात करना ही पसंद नहीं करते। जागरूकता की कमी: भारत में अभी भी बहुत से लोग यह नहीं जानते कि 50 की उम्र के बाद हर पुरुष को प्रोस्टेट जांच करवाना ज़रूरी है। खतरा कब बढ़ता है? उम्र 50 साल से ऊपर है पारिवारिक इतिहास में किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो हाई-फैट डायट और कम फिजिकल एक्टिविटी अफ्रीकी मूल के पुरुषों में यह अधिक पाया जाता है, लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में भी अब तेजी से फैल रहा है लक्षण जिन्हें अनदेखा न करें बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होना पेशाब करने में दर्द या जलन पेशाब में खून आना पीठ, कूल्हे या जांघों में लगातार दर्द वीर्य में खून आना अचानक वजन घटना और कमजोरी महसूस होना याद रखें, ये सभी लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है। टेस्ट और जांच: डरें नहीं, समझें PSA टेस्ट (Prostate-Specific Antigen): खून की एक साधारण जांच जो प्रोस्टेट कैंसर की संभावना को बता सकती है। डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम (DRE): डॉक्टर द्वारा की जाने वाली फिजिकल जांच। MRI और बायोप्सी: कैंसर की पुष्टि के लिए ज़रूरी स्टेप्स। इलाज संभव है — अगर समय रहते पता चले अच्छी बात यह है कि अगर प्रोस्टेट कैंसर की पहचान शुरू में हो जाए, तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। आज के समय में: सर्जरी रेडिएशन थेरेपी हॉर्मोन थेरेपी एक्टिव सर्विलांस (Active Surveillance) जैसे आधुनिक इलाज उपलब्ध हैं। कई मामलों में कैंसर बहुत धीमी गति से बढ़ता है, जिससे समय रहते इलाज का मौका मिलता है। क्या करें? कैसे बचें? नियमित चेकअप कराएं, खासकर अगर आपकी उम्र 50 से ऊपर है स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन अपने शरीर के संकेतों को समझें, और ज़रा भी संदेह हो तो डॉक्टर से मिलें इस विषय पर खुलकर बात करें – यह कमजोरी नहीं, समझदारी है निष्कर्ष आज के दौर में जब हम हर चीज़ के बारे में सजग हैं – तकनीक, करियर, फैशन – तो अपने स्वास्थ्य को अनदेखा क्यों करें? प्रोस्टेट कैंसर एक ऐसा खतरा है जिसे समय रहते रोका जा सकता है। इसके लिए ज़रूरी है जागरूकता, समय पर जांच, और अपने शरीर की सुनना। हर पुरुष को यह जानना और समझना चाहिए कि मर्दानगी, कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी में है। अब भी वक्त है — जाग जाइए, जांच कराइए, और अपनी जिंदगी को कैंसर से बचाइए।

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