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Tuesday, 15 July 2025
क्या आम स्वीटनर मस्तिष्कीय स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है?
हालिया न्यूरोवैज्ञानिक अनुसंधानों ने यह संकेत दिया है कि व्यापक रूप से प्रयुक्त कृत्रिम स्वीटनर — एरिथ्रिटोल (Erythritol) — मस्तिष्क की संरचनाओं और न्यूरोनल पथों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। विशेषतः वे पथ जो संज्ञानात्मक नियंत्रण और मस्तिष्कीय रक्त प्रवाह को नियंत्रित करते हैं, एरिथ्रिटोल के प्रभाव में संवेदनशील पाए गए हैं। यह निष्कर्ष विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि एरिथ्रिटोल को मधुमेह, मोटापे और चयापचय संबंधी विकारों के लिए चीनी का सुरक्षित विकल्प मानकर बड़े पैमाने पर उपभोग किया जा रहा है।
एरिथ्रिटोल: एक वैज्ञानिक अवलोकन
एरिथ्रिटोल एक चीनी अल्कोहल है जिसे प्रायः "नेट ज़ीरो कैलोरी" युक्त स्वीटनर के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह यौगिक कुछ प्राकृतिक स्रोतों जैसे फलों और किण्वित भोज्य पदार्थों में अल्प मात्रा में विद्यमान होता है, लेकिन वाणिज्यिक उपयोग हेतु इसे औद्योगिक स्तर पर कृत्रिम रूप से संश्लेषित किया जाता है। एरिथ्रिटोल तेजी से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल पथ में अवशोषित होता है और लगभग अपरिवर्तित रूप में मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित होता है। हालांकि, हालिया डेटा से यह संकेत मिला है कि इसकी जैव-सक्रियता अपेक्षा से अधिक हो सकती है।
न्यूरोवैस्कुलर संवेदनशीलता और स्ट्रोक संबंधी जोखिम
क्लिनिकल न्यूरोसाइंस में किए गए अध्ययनों में यह पाया गया है कि उच्च रक्त प्लाज्मा में एरिथ्रिटोल की उपस्थिति प्लेटलेट्स की सक्रियता को प्रेरित कर सकती है, जिससे प्रो-थ्रॉम्बोटिक अवस्थाओं की संभावना बढ़ जाती है। यह प्रक्रिया मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की रुकावट (इस्केमिक स्ट्रोक) का कारण बन सकती है। पशु-आधारित मॉडल अध्ययनों में यह भी स्पष्ट हुआ है कि एरिथ्रिटोल सेवन के उपरांत मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स क्षेत्रों में न्यूरोनल गतिविधियों में महत्वपूर्ण ह्रास देखा गया, जो दीर्घकालिक संज्ञानात्मक क्षति की चेतावनी देता है।
नीतिगत अनुशंसाएं और सतर्कता
साक्ष्य-आधारित आहार रणनीति: उच्च रक्तचाप, मधुमेह, या कार्डियोवैस्कुलर संवेदनशीलता वाले व्यक्तियों को विशेष रूप से चाहिए कि वे अपनी डाइटरी आदतों में प्रयुक्त स्वीटनरों की जांच वैज्ञानिक दृष्टिकोण से करें।
प्राकृतिक विकल्पों की प्राथमिकता: स्टीविया, शहद, गुड़ और फल आधारित मिठास जैसे विकल्प अपेक्षाकृत सुरक्षित प्रतीत होते हैं, हालांकि इन पर भी नियंत्रित क्लिनिकल डेटा की आवश्यकता बनी हुई है।
उपभोक्ता जागरूकता और लेबल विश्लेषण: खाद्य उत्पादों के लेबल में सूचीबद्ध घटकों की वैज्ञानिक समीक्षा उपभोक्ताओं को करनी चाहिए। जो यौगिक उच्च जोखिम से जुड़े हों, उनका सीमित उपयोग स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु अत्यावश्यक है।
निष्कर्ष
हालांकि एरिथ्रिटोल को वर्तमान में FDA द्वारा 'सामान्यतः सुरक्षित' (GRAS) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, नवीनतम शोध इंगित करता है कि इसके दीर्घकालिक सेवन से न्यूरोवैस्कुलर प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव संभव है। स्ट्रोक जैसे गहन न्यूरोलॉजिकल विकारों से संभावित संबंधों को नकारा नहीं जा सकता। इस विषय में व्यापक, नियंत्रित और क्रॉस-पॉप्युलेशनल अनुसंधानों की आवश्यकता है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों को वैज्ञानिक रूप से निर्देशित किया जा सके। आहार विशेषज्ञों, चिकित्सकों और नीति निर्माताओं को इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करना चाहिए।
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